हिन्दी विभाग
हिन्दी विभाग इस कॉलेज के सबसे पुराने विभागों में से एक है। सन् 1992 में गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज फॉर वूमैन, दसूहा महाविद्यालय को प्रारम्भ किया गया । इसी वर्ष से हिन्दी मे बी.ए कक्षा आरंभ की गई और यह विभाग 1992 में अपनी स्थापना के बाद से पिछले 31 वर्षों से कॉलेज का एक अभिन्न अंग रहा है। ...
सन् 2008 से एम.ए कक्षा की शुरुआत की गई । पंजाब प्रांत में होने के कारण हिन्दी भाषा की निरंतरता को बनाए रखना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है लेकिन प्रधानाचार्या जी के नेतृत्व एवं सहयोग से हिन्दी विभाग विकास की राह पर है । हिन्दी विभाग का निरंतर यही प्रयास है कि अपनी छात्राओं में साहित्य के प्रति रुचि पैदा करने के साथ ही उनमें मानवतावादी दृष्टिकोण को जगाना तथा उनमें नैतिक मूल्यो को बढ़ाना और उन्हे आदर्श नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना ताकि वे समाज कल्याण की ओर अग्रसर हो सकें।
लक्ष्य
हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा है । भारत एक ऐसा देश है जहां विभिन्न प्रकार की भाषाएँ बोली जाती हैं परंतु विभिन्न प्रकार की भाषाओं से भरे हुए हमारे देश में हिन्दी को जीवंत रखना सरल नहीं है। पंजाब एक ऐसा प्रांत है जहां हिन्दी भाषा बोलने वाले लोगों की गिनती बहुत कम है और दसूहा इसके अंतर्गत आता है। इस कारण हिन्दी भाषा को इस क्षेत्र में जीवंत रखने के प्रयास में हमारा हिन्दी विभाग कॉलेज प्रशासन के सहयोग से निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। हमारे महाविद्यालय में पढ़ने वाली अधिकतर छात्राएँ पंजाबी मातृभाषा बोलने वाले परिवारों से संबंध रखती हैं। उन्हें हिन्दी पढ़ने के लिए प्रेरित करना, राष्ट्र भाषा हिन्दी के साथ जोड़ना और साहित्य के प्रति उनकी रुचि को बढ़ाते हुए उत्कर्ष पर पहुँचाना हिन्दी विभाग का लक्ष्य है।
विशेषताएँ
- योग्य और अनुभवी संकाय
- प्रयोजन मूलक पाठ्यक्रम
- छात्राएँ 100 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण होती हैं।
- छात्राओं को नैतिक मूल्यों, संस्कृति और सभ्याचार की शिक्षा दी जाती है ।
- राष्ट्रीय और अंतर-राष्ट्रीय तथा महत्वपूर्ण दिनों को उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
- हिन्दी से संबंधित प्रतियोगिताओं में स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को प्रशंसा पत्र दिए जाते हैं।
भविष्य की योजना
- छात्राओं को आधुनिक तकनीकी ज्ञान प्रदान करना।
- छात्राओं की प्रतिभा को निखारने के लिए प्रतियोगिताओं का आयोजन ।
- छात्राओं की हिन्दी मीडिया, पत्रकारिता और अनुवाद संबंधी विषयों में रुचि पैदा कर उनको व्यावसायिक रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करना।
पाठ्यक्रम
बी.ए.
| सीटें | — |
| योग्यता | बारहवीं पास |
| अवधि | 3 साल |
| सिलेबस |
प्रथम, द्वितीय छमाही तीसरी, चौथी छमाही पांचवी, छठी छमाही |


